भारत में गेहूं रबी मौसम की सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख फसल मानी जाती है। देश की बड़ी आबादी के भोजन का मुख्य आधार गेहूं है, यही कारण है कि इसकी खेती किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद अहम होती है। सही तकनीक, समय पर बुवाई और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान गेहूं की खेती से अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।
गेहूं की फसल के लिए ठंडी और शुष्क जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
बुवाई के समय हल्की ठंड
फसल बढ़ते समय ठंडा मौसम
पकने के समय शुष्क और हल्की गर्मी
अत्यधिक बारिश या ज्यादा नमी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है।
गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है।
खरीफ फसल कटने के बाद खेत की 2–3 गहरी जुताई करें
मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए
अंतिम जुताई के समय गोबर की सड़ी खाद डालना लाभकारी होता है
अच्छी तरह तैयार खेत में बीज जमाव बेहतर होता है।
उत्तर भारत में गेहूं की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के मध्य तक माना जाता है।
देर से बुवाई करने पर उत्पादन में कमी आ सकती है।
सिंचित क्षेत्र: 100–125 किलो प्रति हेक्टेयर
असिंचित क्षेत्र: 125–140 किलो प्रति हेक्टेयर
बीज बोने से पहले फफूंदनाशक दवा से उपचार जरूर करें।
HD-2967
HD-3086
PBW-550
DBW-187
क्षेत्र के अनुसार कृषि विभाग से किस्म की जानकारी लेना बेहतर रहता है।
गेहूं की फसल में 4–6 सिंचाइयाँ आवश्यक होती हैं।
महत्वपूर्ण सिंचाई चरण:
1️⃣ क्राउन रूट इनिशिएशन (20–25 दिन)
2️⃣ टिलरिंग स्टेज
3️⃣ बालियां निकलने का समय
4️⃣ दाना भरने का समय
पहली सिंचाई सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अच्छी पैदावार के लिए संतुलित खाद जरूरी है:
नाइट्रोजन (N)
फास्फोरस (P)
पोटाश (K)
मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद डालना सबसे अच्छा रहता है।
जैविक खेती करने वाले किसान गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर सकते हैं।
गेहूं की फसल में कुछ प्रमुख रोग देखे जाते हैं:
पीला रतुआ
भूरा रतुआ
कंडुआ रोग
समय पर रोग पहचान कर अनुशंसित दवाओं का छिड़काव करने से नुकसान से बचा जा सकता है।
जब गेहूं की बालियां सुनहरी हो जाएं और दाने सख्त हो जाएं, तब कटाई करें।
कटाई के बाद गेहूं को अच्छी तरह सुखाकर भंडारण करें, ताकि नमी से नुकसान न हो।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान समय पर बुवाई, संतुलित खाद और सही सिंचाई पर ध्यान दें तो गेहूं की पैदावार में 20–30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।
गेहूं की खेती यदि वैज्ञानिक तरीके से की जाए तो यह किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत साधन बन सकती है। सही जानकारी, मेहनत और कृषि सलाह अपनाकर किसान गेहूं की फसल से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
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