भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सरकार समय-समय पर कई सरकारी योजनाएं लागू करती रहती है। इन योजनाओं का सीधा उद्देश्य किसानों को राहत देना, जोखिम कम करना और खेती को आधुनिक बनाना है।

🌾 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना बेहद लाभकारी साबित हो रही है।

🌧️ फसल बीमा योजना

खेती में मौसम सबसे बड़ा जोखिम होता है। अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि या कीट प्रकोप से फसल बर्बाद होने पर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम प्रीमियम पर फसल का बीमा कराया जाता है, जिससे नुकसान की स्थिति में किसानों को मुआवजा मिलता है।

🚜 कृषि यंत्र एवं सब्सिडी योजना

सरकार आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेसर, ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिस्टम पर भारी सब्सिडी देती है। इससे किसानों की लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ता है।

💧 सिंचाई से जुड़ी सरकारी योजनाएं

पानी की कमी को दूर करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने पर किसानों को अनुदान दिया जाता है, जिससे पानी की बचत के साथ बेहतर फसल उत्पादन संभव होता है।

🐄 पशुपालन और डेयरी योजनाएं

खेती के साथ-साथ पशुपालन किसानों की आय का मजबूत जरिया बन रहा है। सरकार गाय-भैंस पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन के लिए ऋण, अनुदान और प्रशिक्षण की सुविधा दे रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भी बढ़ रहा है।

📌 किसानों को क्या करना चाहिए?

  • अपने नजदीकी कृषि विभाग या CSC सेंटर से जानकारी लें

  • ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें

  • समय-समय पर योजना की पात्रता जांचें

  • सही दस्तावेज पहले से तैयार रखें

🟢 निष्कर्ष

सरकारी योजनाएं किसानों के लिए एक मजबूत सहारा हैं। सही जानकारी और समय पर आवेदन करके किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकते हैं। यदि किसान जागरूक बनें और सरकारी सहायता का सही उपयोग करें, तो खेती को घाटे से निकालकर मुनाफे का साधन बनाया जा सकता है।

Top